30 लाख की रंगदारी मांगने और फायरिंग मामले का खुलासा, दिल्ली पुलिस ने पांच आरोपित दबोचे
नई दिल्ली, 07 जुलाई (हि.स.)। पहाड़गंज में बिल्डर से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और इनकार करने पर कार्यालय में फायरिंग करने के मामले का दिल्ली पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह वारदात बिल्डरों में डर का माहौल बनाकर वर्चस्व कायम करने और कारोबारी प्रतिद्वंद्विता खत्म करने की साजिश थी।
मध्य जिला पुलिस ने इस मामले में मुख्य शूटर समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में पवन कुमार उर्फ पवन पहलवान, शक्ति सिंह, विशाल भाटी उर्फ भांजा, पवन कुमार उर्फ पवन चेतली और राजेश सचदेवा उर्फ सोनू मोटा शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, 29 जून को नबी करीम थाना क्षेत्र के आर्य नगर, पहाड़गंज स्थित बिल्डर कार्यालय में एक हथियारबंद युवक पहुंचा था। उसने 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और तत्काल पांच लाख रुपये देने का दबाव बनाया। मांग पूरी नहीं होने पर आरोपी ने फायरिंग कर दी और फरार हो गया।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पहले विशाल भाटी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने पूरी साजिश का खुलासा किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि स्थानीय बिल्डर और होटल कारोबारी पवन कुमार उर्फ पवन चेतली तथा राजेश सचदेवा ने आरोपितों को ठहरने की व्यवस्था, बैठक स्थल और पीड़ित से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई थी।
मुख्य आरोपी शक्ति सिंह को पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार किया। वहीं मुख्य शूटर पवन पहलवान को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, वह सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ वीडियो डालकर दहशत फैलाने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस ने आरोपी के पास से पिस्टल, कारतूस और चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है। मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य आपराधिक गतिविधियों की भी जांच कर रही