झारखंड का आम्रपाली आम पहुँचा दुबई, महिला किसानों की मेहनत को मिली वैश्विक पहचान

रांची, 07 जुलाई 2026: झारखंड ने कृषि और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राज्य के देवघर और गुमला जिले में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उत्पादित 2 टन आम्रपाली आम की पहली खेप दुबई भेजी गई है। यह आम अब दुबई के प्रतिष्ठित लूलू मॉल में बिक्री के लिए उपलब्ध है, जहां इसकी गुणवत्ता और मिठास ग्राहकों को आकर्षित कर रही है।
इस उपलब्धि के पीछे देवघर जिले की मोहनपुर आजीविका महिला किसान प्रोड्यूसर सोसायटी तथा गुमला जिले की गुमला रायडीह एग्री प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और एमवीएम बघिमा पालकोट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन संस्थाओं ने जेएसएलपीएस के सहयोग से तैयार किए गए बागानों में उच्च गुणवत्ता वाले आम्रपाली आम का उत्पादन किया।

यह पहली बार नहीं है जब झारखंड का आम अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचा है। इससे पहले भी राज्य के कई जिलों से आम्रपाली आम की खेप लंदन और इटली जैसे देशों तक भेजी जा चुकी है। अब दुबई तक पहुंचने से झारखंड के कृषि उत्पादों की वैश्विक पहचान और मजबूत हुई है।
ग्रामीण विकास विभाग के तहत कार्यरत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) लगातार स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को आधुनिक खेती, गुणवत्ता आधारित प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बेहतर विपणन व्यवस्था से जोड़ने का काम कर रही है। इसके साथ ही ‘पलाश’ ब्रांड के तहत राज्यभर में आम बिक्री स्टॉल लगाकर स्थानीय बाजार में भी किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया गया। स्थानीय स्तर पर मिली सफलता के बाद अब इन्हीं आमों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान बना ली है।
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि झारखंड के आम्रपाली आम को वैश्विक पहचान मिलने का पूरा श्रेय राज्य की मेहनतकश दीदियों को जाता है। उन्होंने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन चुकी है। महिलाओं की मेहनत, गुणवत्ता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और जेएसएलपीएस के प्रभावी प्रबंधन का ही परिणाम है कि आज झारखंड का आम्रपाली आम दुबई, लंदन और इटली जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच रहा है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य झारखंड की ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को दुनिया के अधिक से अधिक देशों तक पहुंचाना है, ताकि महिला किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो और उन्हें वैश्विक बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना और जेएसएलपीएस के संयुक्त प्रयासों ने बागवानी आधारित आजीविका का एक सफल मॉडल तैयार किया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ निर्यात के नए अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं।
झारखंड के आम्रपाली आम की दुबई तक पहुंच केवल कृषि उत्पाद के निर्यात की कहानी नहीं है, बल्कि यह राज्य की महिला किसानों की मेहनत, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बढ़ती मजबूती का भी प्रतीक बन गई है।

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Author: haqeeqatnaama